ईश्वर

ईश्वर एक दोस्त हैं,

ईश्वर एक उम्मीद की किरण हैं,

ईश्वर एक उजाला है,

ईश्वर एक जादू है,

ईश्वर एक मान्यता हैं,

ईश्वर एक आस है,

ईश्वर एक प्यास हैं,

ईश्वर एक रिश्ता है,

मानो तो सच है, वरना कुछ भी नहीं.

 

ईश्वर सा कोई नहीं,

ईश्वर से ही जीवन हैं,

ईश्वर से ही ज्ञान है,

ईश्वर से ही हम हैं,

ईश्वर से ही उम्मीद है,

मानो तो एक ही हैं, वरना सैंकड़ो भी नहीं.

 

ईश्वर ने ही मनुष्य बनाया,

ईश्वर ने ही पशु-पक्षी बनाये,

ईश्वर ने ही पेड़-पौधें बनाये,

ईश्वर ने ही मृत्यु बनायी,

मानो तो जादू है, वरना अनुभूति भी नहीं.

 

ईश्वर ना हिन्दू हैं, न मुसलमान,

न सिक्ख हैं, ना ईसाई,

ईश्वर तो एक एहसास है,

ईश्वर तो कृष्ण भी हैं और अल्लाह भी,

हनुमान भी हैं और जीसस(येशु) भी,

दुर्गा भी हैं और मदर मेरी भी,

शिव भी हैं और गुरु गोविन्द भी,

मानो तो कण-कण में है,वरना कहीं भी नहीं.

 

ईश्वर ही सत्य है,

ईश्वर ही परमात्मा है,

ईश्वर ही शक्ति है,

ईश्वर ही निर्मल-आनंद है,

ईश्वर ही विश्वास है,

ईश्वर ही आसरा है,

ईश्वर से ही हिम्मत है,

ईश्वर से ही दुनिया है,

ईश्वर ही सरल है और ईश्वर ही जटिल है,

मानो तो हर जीव में हैं, वरना विचार भी नहीं.

स्वरचित
दीपाली कानड़कर गोविन्द 

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3 Comments

  1. Ishwar ki vyakhya Karana bahot mushkil hai kintu aapke Kavyatmak shabdo me Jaju hai. Bahot hi sundar

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